Tuesday, January 31, 2012
कोसी महासेतु के उद्घाटन आठ क
सहरसा में रेलवे वाशिंग पिट के निर्माण कार्य पूरा भ गेल
Monday, January 30, 2012
विद्यापति मैथिल युवा मंच दिल्ली सरस्वतीपूजा के आयोजन केलैनी
बिहार के जुनिउर डॉक्टर के राज्यव्यापी हड़ताल लगभग तय
Friday, January 27, 2012
मिथिला के मिट्टी चंदन के समान : प्रतिकुलपति
Tuesday, January 24, 2012
टोकरी बनाबाई में सिमटी क रही गेल अछि जिनगी

हुजुर हम सब कतय जेबै नै घर अछी नै ठिकाना

हायाघाट,: हुजूर हम सब जेबै त कतय जेबै..हमरा सब लग नै रहै लेल घर आ नै बसई लेल जमीन अछि। इ फरियाद प्रखंड मुख्यालय स महज डेढ़ किमी के दूरी पर अवस्थित प्रखंड के सिरनियां पश्चिमी विलासपुर पंचायत के पश्चिमी विलासपुर गांव के लगभग एक सौ स बेसी लोग के अछि। जे गांव स्थित रिंग बांध वाटरवेज के कात में बसल छैथ। रिंग बांध वाटरवेज के भ रहल मिट्टी करण के कारण एक सौ स अधिक परिवार आई उक्त बांध स किछ दूरी पर दोसर के जमीन में झुग्गी-झोपड़ी डाली क विस्थापित जिंदगी गुजारी रहल छैथ। हुनका सब लग बुनियादी सुविधा के घोर कमी अछी परंतु एकर सुधि लई के लेल नै कोनो प्रशासनिक अधिकारी आ नहीं कोनो जनप्रतिनिधि आगा आबी रहल छैथ। उक्त गांव में पहुंचला पर नजारा देखै के भेटैत अछी। एक तरफ अन्हार गुफ्फ़ राती आ उपर स ठंडी पछवा हवा। आ अहि ठंढ स बचै लेल महज पुआल आ एकटा कोनो तरहे ऊपर स शरिर के ढके लेल फाटल पुरान चादर चारों तरफ सन्नाटा। नहीं कीड़ा मकोड़ा के डर आ न ही विषैला सांप के। एहेन परछाइ के बीच गुजरैत अछि उक्त गांव के विस्थापित लोग के रात। विस्थापित मो. शफी के 70 वर्षीय वयोवृद्ध मां शकीना खातून स मिलैत अनायास हुनका मुंह स निकल पड़ैत छैन कि बुढ़ापा में येह दिन देखै के भेटल रहे बाबू। एतय पेट के आग बुझाबइ लेल जहैनी बच्चा पानी पी-पी क चूड़ा चबाया त अपन बच्चा के ऐना देख हुनक अम्मी शहाना खातून फफक पडली। इ व्यथा कोनो एक परिवार के नहीं बल्कि लगभग ओ सब विस्थापित परिवार के अछि। सांत्वना आ उम्मीद त सब लोग हुनका सब के देत छैन मुदा अहि स की होयत। जिनका लग किछ छैन्हे नै। हर आबई जाई वाला लोग पर ओ एकटा उम्मीद भरल नजर स देखैत छैथ। शायद कियो मसीहा बनी हुनक विस्थापित जिंदगी स निजात दिया देन। पंचायत के मुखिया हसीना खातून आ पूर्व मुखिया शफीउर्रहमान उर्फ बौआ मियां अहि विस्थापित परिवार के समस्या ल क अंचल प्रशासन स कतेक बेर भेंट क चुकल छैथ। मुदा प्रशासन अहि विस्थापित परिवार के प्रति बिल्कुल उदासीन अछि। इ हकीकत कोनो मिथिलांचल के एकटा हायाघाट टा के नहीं अछि एहेन अहके किएक ठाम भेट जायत।
साभार :- दैनिक जागरण
Monday, January 23, 2012
1970-72 के बीच ललित बाबू कोसी महासेतु के सपना देखने छला

सबस मजबुत राज्य बनत बिहार : श्री श्री रविशंकर

Sunday, January 22, 2012
मिथिलाक पाग में श्री श्री रविशंकर जी महराज

Saturday, January 21, 2012
मनरेगा आ इंदिरा आवास के पाई के भ रहल अछि बन्दर बाँट
नरक निवारण चतुर्दशी के अवसर शिव मंदिर में भारी भीड़
नरक निवारण चतुर्दशी के अवसर पर आई समूचा मिथिलांचल में महादेव के आराधना के लेल शिव मंदिर में भक्त के भारी भीड़ उमड़ी पड़ल।
मधुबनी जिला के प्रसिद्ध एकादश रुद्र महादेव मंदिर,बाबा दतेश्वर नाथ महादेव मंदिर, कपिलेश्वर स्थान, भवानीपुर के बाबा उग्रनाथ महादेव मंदिर, बिस्फी के भैरवस्थान महादेव मंदिर, बिदेश्वरनाथ महादेव मंदिर सहित सैंकड़ों शिवालय में भोरे स व्रतधारी आ शिव भक्त के भीड़ जुट अ लागल आ हर हर महादेव के जयकारा के संग शिवालय गूंजइ लागल। आजुक दिन महादेव पूजा के विशेष महत्व अछि ।
अहि व्रत के बारे में कहल जायत अछि की रात में चारों प्रहर पूजा के विशेष विधान अछि। अहि व्रत के करै स सहस्त्र अश्वमेघ यज्ञ के फल प्राप्त होयत अछि । संगही अहि व्रत के केला स मनुष्य जतेक पाप केने रहित अछि सब नष्ट भा जायत छै। पूजा विधान के अनुसार आज के दिन निराहार रही क संध्याकाल स्नान क मैट के महादेव बना क गणपत्यादि पंचदेवता, विष्णु आ शिव के पंचोपचार पूजा क आरती करै के विधान अछि। शिव के बैर, अंकुरी, भांग, ईख आदि सामग्री नैवेद्य में चढायल जायत अछि। शाम में व्रती बैर स व्रत तोड़ी क रात में अन्न ग्रहण करै छैथ।
Friday, January 20, 2012
कोशी में जागल बड़ी लाइन के आस

आब कोसी में छोटी लाइन के ट्रेन नहीं चलत। पहिल चरण में सहरसा-फारबिसगंज के बीच भेल मेगा ब्लाक स इ सपना आब पूरा होइत बुझा रहल अछि। आब वाला समय में कोसी वासि के अंग्रेज जमाने के ट्रैक आ छंटी भेल बोगियों में भेड़-बकरि के तरह सफर करै स मुक्त हेता। बड़ी लायन भेला स रास्ता त सुगम हेबे करत आ क्षेत्र के आर्थिक विकास सेहो होयत। अमान परिवर्तन के बाद राघोपुर के पूर्वी छोर सीधा बंगाल स जुड़ जायत।
अहि क्षेत्र में तीन दशक पाहिले चलल छल रेल
कोसी के त्रासदी स त्रस्त इ इलाका शुरू स उपेक्षित रहल अछि। कोसी पुत्र ललित बाबू जखन रेल मंत्री बनला त अहि इलाका के किस्मत जागल। रेलगाड़ी सुपौल स्टेशन स आगा फारबिसगंज तक शुरू भ गेल । कोसी में रेल महासेतु आ नब-नब परियोजना हुनके परिकल्पना छल। नब्बे के दशक में पूरा देश में बड़ी रेल लाइन के जाल बिछेनाई शुरू भेल। समय बितैत चली गेल लेकिन कोसी के बारी नहीं आयल। सहरसा स संसद तक जखन आवाज गूंजल त बड़ी रेल लाइन सहरसा तक पंहुचायल गेल। सुपौल के लोग के मन में सेहो एकटा आस जागल की ओ दिन दूर नहीं जखन हम सब सेहो बड़ी रेल लाइन की ट्रेन पर सवार भ अपन गाँव जायब।
2004 में भी राखल गेल छल नींव
वाजपेयी सरकार के रेलमंत्री नीतीश कुमा र, रक्षा मंत्री जार्ज फर्नाडीश,खाद्य आपूर्ति मंत्री शरद यादव फरवरी 2004 सरायगढ़ में सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के नींव रखने छाला। रेलमंत्री ने कहने छाला कि सरायगढ़ स सकरी और सहरसा स फारबिसगंज तक अमान परिवर्तन के अहि परियोजना के लागत 335 करोड़ अछि। रक्षा मंत्रालय स स्वीकृति के बाद एकरा पूरक बजट में लायल गेल। उस समय अपने संबोधन में नेता सुरक्षा आ सामरिक दृष्टिकोण स सीमावर्ती इलाका में रेलवे के महत्वपूर्ण भूमिका बतेला। चुनाव के वक्त आबी गेल सत्ता पलट गेल आ मामला ठंडा बस्ता में चली गेल। सत्ता बदलल त महासेतु के कार्य में कने तेजी आयल मुदा अमान परिवर्तन अबकी मधेपुरा के हिस्सा में चली गेल आ एकबेर फेर कोशी के इ पिछड़ा इलाका चुकी गेल।
मेगा ब्लाक स जगाल आस
सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर राघोपुर-फारबिसगंज के बीच 20 जनवरी स लागायल गेल मेगा ब्लाक स कोसी वासि में एकबेर फेर स आस जागल। पूर्व मध्य रेल अंतर्गत सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर राघोपुर-फारबिसगंज के बीच तमाम ट्रेन बंद कय देल गेला। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य रेल प्रबंधक पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर समीर कुमार कहलैनी कि इ निर्णय मंत्रालय द्वारा अमान परिवर्तन के ल क लेल गेल अछि।
मिथिलांचल के संस्कृति सचमुच अद्भुत अछि :- नितीश कुमार
सेवा यात्रा के चारिम आ अंतिम दिन कालि सांझ जयनगर के डीबी कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा के संबोधित करैत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहला की अपराध आ भ्रष्टाचार स कोनो समझौता नहीं कायल जायत। भारत-नेपाल जकर संबंध अटूट अछि, एकरा और मजबूत करै के आवश्यकता अछि। मुख्यमंत्री कहला की पूरा बिहार बदली रहल अछि आ अखन बहुत किछ केनाई बाकी अछि। आहा सब मिल्लत, अमनचैन आ भाईचारा बना क राखु। अहि बल पर बिहार प्रगति के राह पर अग्रसर होयत। मुख्यमंत्री कहला की हमर इतिहास पूरा मानव सभ्यता के इतिहास अछि। एकरा अक्षुण्ण रखइ के लेल सरकार हर संभव प्रयास लेल तैयार अछि। चार दिवसीय सेवा यात्राक संस्मरण उपस्थित लोग के सुनावैत कहला की कि मधुबनी में जगह-जगह जे प्यार आ स्नेह भेटल ओकरा हम कहियो बिसरी नै सकब। ओ कहला की बलिराजगढ़ के देख हमर मन में एक अलग जिज्ञासा जागल। बलिराजगढ़ के विशाल भूखंड 22 सौ वर्षक इतिहास समेटने अछि । अहि अनमोल धरोहर आ पूरातात्विक स्थल की एक-दू बेर छोड़ कहियो खुदाई नहीं नहीं भेल। अहि लेल हम प्रधानमंत्री के पत्र लिखब। ओ कहला कि मात्र उपरी ईट 22 वर्षक के इतिहास के प्रतीक अछि अगर एकर गहराई में जा क काज होई त कतेको और इतिहास भेटत। ओ कहला कि मधुबनी पेंटिंग मिथिला समृद्ध संस्कृति के प्रतीक अछि आ एकरा विकसित व जीवित राखै के लेल सरकार हर प्रयास करत। ओ कहला कि हम मधुबनी पेंटिंग के गढ़ जितवारपुर आ रांटी जा क स्वयं कलाकार स आ हुनक हस्तकला देख्लौ आ अहि हमरा महान विभूति पद्मश्री महासुन्दरी देवी स भेट करै के सौभाग्य प्राप्त भेल। ओ कहला की हमरा मन में अहि विधा के प्रति अगाध प्रेम अछि। ओ कहला कि भूमि के कारण सरकार मधुबनी पेंटिंग प्रशिक्षण केन्द्र खोलै के घोषणा नहीं क रहल छल जे आब उपलब्ध अछि। आ अहि भूमि पर विशाल व अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलै के लेल शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी देल गेला। सौराठ के इ प्रशिक्षण केन्द्र जाहिमे मिथिलांचल के महिला प्रशिक्षण प्राप्त करती आ हुनका प्रमाण पत्र देल जेतैन। आ ओतय प्रदर्शनी आ हाट सेहो लागायल जायत जाही में पूरा देश व प्रदेश के लोग सिरकत करता। सिद्ध पीठ उच्चैठ, कालीदास डीह के चर्चा ओ कहला कि मिथिलांचल के संस्कृति सचमुच अद्भुत अछि। मुख्यमंत्री कहला कि जयनगर सीमावर्ती क्षेत्र अछी आ भारत-नेपाल के संबंध अटूट अछि। एकरा और मजबूत करै के जरूरत अछि। अहि दिशा में सरकार पहल क रहल अछि आ नेपाल के प्रधानमंत्री के पटना आबे के लेल आमंत्रित कायल गेला। नेपाल स वार्ता के बाद बाढ़ के विभीषिका स निजात भेट सकैत अछि आ सिंचाई सेहो सुदृढ़ भा सकैत अछि।
मुख्यमंत्री जयनगर के सभा मंच स रिमोट के द्वारा 170 योजना के उद्घाटन आ 347 योजना के शिलान्यास केला। चार सौ करोड़ स अधिक निर्मित वाला योजना में अररियासंग्राम के पॉलीटेक्निक कालेज मधुबनी-खुटौना, फुलपरास-लौकहा पथ आ मधुबनी नगर परिषद के प्रशासकीय भवन सेहो शामिल अछि जकर ओ शिलान्यास आ उद्घाटन केलैनी। मुख्यमंत्री के विधायक अरुण शंकर प्रसाद, जदयू कार्यकर्ता आ मारवाड़ी युवा मंच के ओर स पाग, दोपटा, चादर, मखाना के माला, मिथिला पेंटिंग आदि द क स्वागत कायल गेल।
Sabhar : Dainik jagran
Thursday, January 19, 2012
इ द्रश्य बयान क रहल अछि बदलैत बिहार मॆ महिला कॆ भागीदारि कॆ
मधुबनी कॆ भॆटल 4 अरब 29 लाख कॆ तोहफा
Wednesday, January 18, 2012
सौराठ में मधुबनी पेंटिंग प्रशिक्षण संस्थान खोलल जायत :नितीश कुमार
सेवा यात्रा के तेसर दिन अपराह्न मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परिसदन स चली क जितवारपुर पद्मश्री स्व. सीता देवी, जगदंबा देवी, चानो देवी सहित दलित टोल आ भास्कर कुलकर्णी हस्तकला आश्रम पहुंचला त ओतय उपस्थित कलाकार के ख़ुशी के ठिकाना नहीं छल। हुनका देखाबई लेल सैकड़ों महिला कलाकार अपन हाथ स निर्मित विभिन्न स्वरूपों में मधुबनी पेंटिंग, सिक्की-मौनी, गोदना पेंटिंग, गोबर पेंटिंग, पेपर मेसी आदि ल क आश्रम आ घर में इंतजार क रहल छलैथ। मुख्यमंत्री जितवारपुर स जहैनी रांटी स्थित पद्मश्री महासुंदरी देवी के आंगन पहुंचला त ओतय के नजारा देख किछ क्षण तक ओ भाव विभोर भ गेला। मुख्यमंत्री के आंगन में बनल मरवा पर आदर के संग बैसाओल गेल जतय हुनका बगल में महान विभूति महासुन्दरी देवी बैसल छलखिन। मुख्यमंत्री मिथिला के 87 वर्षीया अहि महान कलाकार स कई संस्मरण सुनला आ अहि मुकाम तक पहुंचइ के लेल हुनक प्रयास के जानकारी प्राप्त केलैनी। महासुन्दरी देवी के पूरा परिवार मुख्यमंत्री के स्वागत में जुटल छलखिन। महासुन्दरी देवी के घर ओ मिथिलांचल के एक और पैघ तोहफा " सौराठ में मधुबनी पेंटिंग प्रशिक्षण संस्थान खोलल जायत " से देलखिन। इ सुनी ओतय मौजूद सैकड़ों मैथिल महिला भावविभोर भ खुशी स 'धन-धन जागल भाग हे पाहुन छथि आयल' गीत गेली।
सौराठ में अहि संस्थान के खुजला स निसंदेह मिथिलांचल में विकास के नव मार्ग खुजत आ अहि क्षेत्र के संबंध देश के कोना-कोना आ विदेश स सीधा जूरी जायत । मुख्यमंत्री के अहि घोषणा स मधुबनी आ आसपास क्षेत्र में खुशी के लहर दौरी गेल। खास क ओहेन कलाकार जे मधुबनी पेंटिंग के अपन पेशा बनाब चाहे छैथ हुनका अंदर एकटा नव आस जागल। सौराठ के इ संस्थान मिथिलांचल के विकास के लेल मिल के पत्थर साबित होयत। शिक्षा विभाग द्वारा निर्मित अहि संस्थान स हजारों मैथिल ललना लाभान्वित हेता आ हुनका रोजगार के नए अवसर भेटतेन। मुख्यमंत्री के अहि घोषणा स स्पष्ट होयत अछि कि सचमुच हुनका मिथिला आ मैथिली स अगाध स्नेह व प्रेम छैन।
महासुंदरी देवी के घर मिथिलांचलक परम्पराक अनुसार मुख्यमंत्री के पाग-दोपटा, पेंटिंग द क भव्य स्वागत कायल गेल। मुख्यमंत्री महासुंदरी देवी के घर में बनल पेड़ा सेहो खेलेन।
हम आएल छी अहां कें दरबार में आवेदन लाउ :- नितीश कुमार
मत्स्य उत्पादन में मिथिला क्षेत्र के आत्मनिर्भर बनायव: नीतीश
Tuesday, January 17, 2012
बौद्ध साहित्य में वर्णित असली मिथिला नगरी एतय अछि
Monday, January 16, 2012
मिथिला के विकास के बिना बिहार के विकास संभव नहीं :-नितीश कुमार
मुख्यमंत्री पहुचलैनी उच्चैठ भगवती स्थान
Tuesday, January 10, 2012
कालिदास डीह के उन्नयन के जागल आस
