"मिथिला फुकंत शंख धेर्यक डोली रहल अछि आसन , मांगल नहीं छीनल जायत अछि इतिहासक आसन" मिथिला के समाचार आ मिथिलाक मुद्दा मैथिलि में (मैथिलि न्यूज़ अहाक संग हरदम) E mail - sonumaithil@gmail.com Mobile-9709069099 & amp; 8010844191

Thursday, February 16, 2012

शुक्रदिन स प्रारम्भ भ रहल 'ग्लोबल मीट-2012'

राजधानी पटना में शुक्रदिन स प्रारम्भ भ रहल 'ग्लोबल मीट-2012' में 24 देश के प्रतिनिधि आ देश के १८ स्थान के प्रतिनिधि राज्य के विकास के सम्बंध में अपन परामर्श देंता। तीन दिन तक चलई वाला अहि सम्मेलन के उद्घाटन नेपाल के प्रधानमंत्री बाबू राम भट्टाराई करता। अहि सम्मेलन में नहीं केवल आर्थिक आ राजनीतिक विशेषज्ञ शामिल हेता बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग अपन परामर्श देता। नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सेहो अहि सम्मेलन में भाग लेता। वर्ष 2007 में सेहो पटना मे ग्लोबल मीट के आयोजन कायल गेल छल जकर उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम केने छला। राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी कहला कि ई सम्मेलन बिहार के 10 करोड़ लोगक आयोजन अछि। ओ कहला कि बिहार विकास के पथ पर अग्रसर अछि आ अहि आयोजन के जरिये राज्य विकासक दोसर पड़ाव पर पहुचत। मोदी के अनुसार ई कोनो निवेशक मीट नहीं बल्कि राज्य के प्रगति के मार्ग पर कोना आगा बढावल जाई ताहि पर मंथन अछि। अहि सम्मेलन के उद्घाटन आ समापन सत्र के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सेहो सम्बोधित करता जहैनी की विभिन्न सत्र में फिल्म, टीवी, पत्रकारिता स जुड़ल लोग सेहो अपन विचार व्यक्त करता।

Wednesday, February 15, 2012

सप्तकोसी हाई डैम सर्वे कार्य करै के कवायत शुरू भ गेल अछि

उत्तर बिहार के बाढ़ स स्थायी रूप स निजात दियेवाक लेल प्रस्तावित सप्तकोसी हाई डैम बहुउद्देशीय परियोजना के सर्वे कार्य करै के कवायत शुरू भ गेल अछि। अहि के लेल केन्द्र सरकार पर दबाव बनायल जा रहल अछि। दिल्ली में आई भारत-नेपाल संयुक्त मिनीस्टीरियल कमीशन के बैठक में बिहार के हित के मजबूती स राखल जाई। दीर्घकालीन योजना के तहत हाई डैम के निर्माण बाढ़ स मुक्ति के एकमात्र उपाय मानल जा रहल अछि।

हाई डैम निर्माण के ल क केन्द्र सरकार सर्वे कार्य के लेल अगस्त 2004 में नेपाल के विराटनगर में संयुक्त परियोजना कार्यालय स्थापित केने छल। भारत-नेपाल के संयुक्त विशेषज्ञ दल के मार्च 2001 में भेल बैठक में मोबिलाइजेशन के लेल 3 महिना, अन्वेषण के लेल 16 महिना आ विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करैक लेल 9 महिना अर्थात 30 महिना के अवधि निर्धारित कायल गेल छल मुदा सात वर्ष के बादो कार्य नगण्य अछि। संयुक्त परियोजना कार्यालय के फरवरी 2013 तक के लेल अवधि विस्तार भेला। अगर स्थिति यह रहल त अहू अवधि में भी कार्य पूर्ण होई के आसार नहीं अछि। जल संसाधन विभाग के अनुसार भारत-नेपाल संयुक्त मिनीस्टीरियल कमीशन के बैठक में दुनु देश के प्रतिनिधिय के बीच अहि दिशा में खुलि क बात भेला पर अहि सर्वे कार्य के अड़चन के दूर क एकरा गति भेट सकैत अछि।

सप्तकोसी हाई डैम परियोजना: बाढ़ स मुक्ति ,पनबिजली उत्पादन सहित बहुउद्देशीय परियोजना के तहत नेपाल में हाई डैम के निर्माण केनाई। अहि के लेल बागमती नदी पर नूनथर आ कमला नदी पर चीसापानी स्थल के पहचान कायल गेल छल। कमला बहुउद्देशीय योजना के संभाव्यता अध्ययन आ बागमती बहउद्देशीय योजना संबंधी प्रारम्भिक अध्ययन के जिम्मेवारी संयुक्त परियोजना कार्यालय के सौंपल गेल छल। बिहार के लेल ई सबस महत्पूर्ण योजना अछि। सर्वे कार्य बाधित होई के सबस पैघ कारण नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के मानल जैत अछि।

Monday, February 13, 2012

मतभिन्नता दूर क एकजुटता के अपील

ब्राह्मण महासभा के स्तरीय सम्मेलन कलुआही प्रखंड के करमौली दुर्गा मंदिर प्रांगण में रविदिन जीबछ ठाकुर के अध्यक्षता में संपन्न भेल। सभा के संबोधित करैत प्रदेश संयोजक आशुतोष कुमार झा कहला की आगामी 20 अप्रैल क परशुराम जयंती समारोह जिला सम्मेलन के रूप में मनाओल जायत। ओ कहला की आरक्षण के आधार आर्थिक हेबाक चाही नही की जाति। योग्यता के अनदेखी कय क जाति के आधार पर आरक्षण स सामाजिक आर्थिक ढांचा के छिन्न-त्रिन्न केनाई दुर्भाग्यपूर्ण अछि। ओ 14 अप्रैल क दिल्ली के रामलीला मैदान में हुअ जा रहल ब्राह्मण महासम्मेलन के तैयारी पर चर्चा करैत कहला कि अहि के बाद सब राजनैतिक दल के संसय खत्म भ जायत। पं. देवकांत झा सौराठ सभा स्थल के उपेक्षा पर गहरा दुख व्यक्त करैत कहला कि ई मात्र वैवाहिक स्थल टा नहीं सामाजिक, सांस्कृतिक बौद्धिक स्थल के रूप में विश्व भर में प्रसिद्ध रहल अछि। ब्राह्मण के स्थिति स दुखी झा कहला की आई हम दशाहिन दिशाहिन भ चुकल छी। ब्राह्मण एकजुट केना हुआ अहि के लेल समुचित प्रयास हेबाक चाही। हर स्तर पर अहि समुदाय के अपमान, उपेक्षा, प्रताड़ना के शिकार हुअ पड़ी रहल अछि। संगठन के जरूरत पर जोड़ दैत जिला अध्यक्ष जीबछ झा अपन संबोधन में कहला कि हम संगठित भ क अपन आचार-व्यवहार आ संस्कार संस्कृति के रक्षा क सकैत छी। श्री झा सौराठ सभा गाछी के 21 एकड़ के जमीन पर अतिक्रमण पर क्षोभ व्यक्त केलैनी। सभा के संचालन मदन कांत झा के द्वारा कायल गेल।

Sabhar :- Dainik Jagran

Saturday, February 11, 2012

कोसी के त्रासद इतिहास अखनी के समृद्धशाली वर्तमान बनि चुकल अछि

बीतल बुधदिन जहैनी सुपौल सनपतहा गांव लग कोसी महासेतु के उद्घाटन कार्यक्रम चलि रहल छल, त ओतय स कनिए दूर पर चंचला कोसी शांत, अविरल बही रहल छलैथ। बीच-बीच में बासंतीक हवा के झोका स शांत कोसी में एहेन लहर बनी रहल छला, जेना ओ मुस्कुरा रहल हुईथ। महासेतु बनावई के लेल कोसी के एतय विशेषज्ञ आ इंजीनियर सब गाइड बांध के सहारा स नियंत्रित क दू किलोमीटर स सेहो कम चौड़ा में कोशी के बहई के लेल मजबूर क देलखिन। कोसी के पुराण त्रासद इतिहास के देखैत एक टा सवाल मोन में उठैत छै की भविष्य में कोसी अहि शिष्टाचार के पालन करती वा नहीं। मुदा अहि के जवाब में सेतु निर्माण में जुटल इंजीनियर के दावा छैनी कि पुल आ गाइड बनावई में जे तकनीक के उपयोग भेल अछि, ओही स कोसी एतय स बहैक नहीं सकैत छैथ।

निर्मली स सुपौल जाई के क्रम में फोर लेन सड़क पर गाड़ि हवा स बात करैत नजर आबैत अछि। जाही दिन कोशी पुल के उद्घाटन छल ताहि हमर गाँव स एक टा लड़का के विवाह सुपौल के कर्णपुर गाँव में छलैन जे सुपौल जाई लेल पाहिले मधुबनी स १० स १२ घंटा के सफ़र छल से सफ़र महज २ घंटा में तय कायल गेल ओतय स लौटैत वसंत मिश्र कहैत छैथ-'यकीन नय होय इएअ..हम सब कोसी के पेट के ऊपर सॅ गुजर रहैल छी। ओ कहैत छैथ की इ सुपौल के वेह दुर्गम इलाका छी, जतय लोग आवैत घबराइत छला। आब त ओ त्रासद इतिहास अखनी के समृद्धशाली वर्तमान बन चुकल अछि। बगल में रेल पुल निर्माण के कार्य चल रहल अछि जे अपन अंतिम चरण में अछि।

पुल के निचा चांदी सन चमकैत बालू के ढेर के की निचा जलजमाव आ ओहिपर साफ-सुथरा पानी में कलरव करैत प्रवासी पक्षी नजर आवैत अछि। पता चलल की गाइड बांध वनालक बाद ई दुर्गम इलाका विकसित भेला। अगर अहि इलाका के विकसित कायल जाय त ई पर्यटक के आकर्षण के केंद्र रहत। पुल पार करैत सनपतहा गांव के आगा पुरान रेलवे लाइन के किछ हिस्सा देखाई पड़ैत अछि। ई वेह रेलवे लाइन अछि जतय सौ साल पहिले ट्रेनें चलैत छल। बतादी जे, 1934 में अहि क्षेत्र में बड़ पैघ भूकंप आयल छल। जाही में रेलवे लाइन ध्वस्त भ गेल आ रेल परिचालन बाधित भ गेल। आ ई भूकंप मिथिला के दू भाग में बांटी देलक।

Thursday, February 9, 2012

मैथिली में प्रकाशित भेल रंगमंच आ सिनेमाक पत्रिका

मैथिली पत्रकारिताक रिक्त स्थानकें भरैत रंगमंच आ सिनेमा विषयक पत्रिका अपन प्रवेशांकक संग बाज़ार में आबी गेल अछि. समसामयकी रंग गतिविधि , सिनेमा आ सांस्कृतिक समाचार सँ सराबोर एही पत्रिकाक नाम " परिकल्पना " राखल गेल अछि.
मैथिली रंगमंच आ सिनेमा विषयक पत्रिकाक नितांत आभाव रहल अछि आ एही खगता कें पूरा करबामे सक्षम अछि इ मासिक पत्रिका. पत्रिकाक संपादन क रहल छथि युवा मीडिया आ फ़िल्मकर्मी किसलय कृष्ण. प्रबंध सम्पादक नीरज पाठक जानकारी देलैनी की ई पत्रिका नियमित रूप स निकलत. निश्चित ई पत्रिका स्वागत योग्य अछि.

Wednesday, February 8, 2012

समस्त मिथिला में महासेतु के उद्घाटन के बाद ख़ुशी के लहर

आठ दशक स दू भाग में विभक्त मिथिला बुधदिन फेर स कोसी महासेतु के उद्घाटन के संग एक भ गेल। वर्ष 1934 स अलग बंटल मिथिला आई अपन स्वरूप में आवी गेल। अहि महासेतु के निर्माण स मिथिला के सामाजिक आर्थिक हालत त बदलव करत संगही दूरि कम भेला स आब नव रिश्ता सेहो आब जुड़त। भपटियाही आ एकर आसपास के क्षेत्र के नाम सुनिते लोग के डर समां जैत छल ओतय आई पूरा क्षेत्र ख़ुशी में डूबल छल । जाही समय केन्द्रीय मंत्री डा. सी.पी. जोशी आ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महासेतु के उद्घाटन फीता काटी रहल छला। दुनु क्षेत्र मधुबनी आ सुपौल जिला के हजारों नर-नारी ख़ुशी स झूम रहल छला। कोसी के प्रचंड धारा, ओकर त्रासदी दियरा इलाका जतय कहियो लोग सोचनेहो नहीं छल जे एहेन दिन आयत। आई इ देख भावविह्वल त छलाहे संगही कौतूहल सेहो कम नहीं छल। सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज जाई में लोगों दू दू दिन लागी जैत छल स ओतय आब चंद घंटों में पहुंचल जा सकैत अछि। कोसी के विभीषिका स दू भागों में विभक्त मिथिला जकर संस्कृति, इतिहास, भाषा रहना सहन आ आचार विचार एक रहैत एक-दोसर स अलग अलग छल। आई सब जुड़ गेल। आई अहि सेतु के जनता के सिपुर्द कय देल गेल। अहि महासेतु के मिथिला के लाइफ लाइन सेहो कहल जा रहल अछि। आई समस्त मिथिला में अहि महासेतु के उद्घाटन के बाद ख़ुशी के लहर दौर गेल अछि।

सदियों पुरान रोटी बेटी के ध्वस्त भेल रिश्ता आई फेर स कायम भ गेल

अकल्पनीय अद्भुत। आई एकटा ऐतिहासिक दिन छल एहेन दिन जकर इंतजार मिथिला के लोग पिछला ७० साल स क रहल छलैथ आई भोरे पौ फटैत दुनु पार के लोगोंक हुजूम महासेतु पर जमा भ रहल छल। एकटा अजीब उत्साह उमंग चारू कात देखाई दैत छल आखिर कियक नै जे सपना सन लागैत छल से ओ मुराद आई पूरा हुअ जा रहल छल । एतय उपस्थित लोग इतिहास के कपाल पर विकास के नव गाथा के गवाह बने चाहैत छलैथ। विस्फारित नेत्र स फोरलेन हाइवे निहारैत मिथिला-कोसी की लोग के इ विश्वासे नहीं भ रहल छल कि बालू उडैत अहि धरती पर कहियो राष्ट्रीय राजमार्ग सेहो गुजरत। चारू कात कौतुहल चरम पर छल आ हाइवे पर गाड़ि के काफिला फर्राटा भरी रहल छल। फुकना स सजल टॉल प्लाजा पर पर्व-त्योहार के मेला सन सजावल गेल छल। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सेहो लाखों की हुजूम भरल सभा के संबोधित करैत कहला कि कोसी वासि के लेल आई दशहरा, दीवाली आ ईद अछि। मुख्यमंत्री के मुख पर खुशी साफ़ साफ़ झलकैत छल। कहला कि हम सेहो आहा सब के खुशि में शामिल होई लेल आयल छि । ओतय उपस्थित लोग के इ सपना सन लागैत छल। डबडबाईत आंख स ओतय उपस्थित लोग के कहनाम छल जे हमर मिथिला के सदियों पुरान रोटी बेटी के ध्वस्त भेल रिश्ता आई फेर स कायम भ गेल।