
Sunday, May 22, 2011
जीत के जस्न बदली गेल गम में

Friday, March 11, 2011
मैथिली एकटा सम्रद्ध भाषा अछि
साभार प्रभात खबर
Thursday, March 3, 2011
280 लाख करोड़ का सवाल

है ...भारतीय गरीब है लेकिन भारत
देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये
कहना है स्विस बैंक केडाइरेक्टर
का . स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने
यह भी कहा है कि भारत का लगभग
280 लाख करोड़ रुपये
(280 ,00 ,000 ,000 ,000)
उनके स्विस बैंक में जमा है . ये
रकमइतनी है कि भारत का आने वाले
30 सालों का बजट बिना टैक्स के
बनाया जा सकता है.या यूँ कहें
कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए
जा सकते है. या यूँ भी कह सकते
हैकि भारत के किसी भी गाँव से
दिल्ली तक 4 लेन रोड
बनाया जा सकता है. ऐसा भी कहसकते
है कि 500 से ज्यादा सामाजिक
प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते
है . ये रकमइतनी ज्यादा है कि अगर
हर भारतीय को 2000 रुपये हर
महीने भी दिए जाये तो 60साल तक
ख़त्म ना हो. यानी भारत
को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने
कि कोई जरुरतनहीं है .
जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट
राजनेताओं और नोकरशाहों ने कैसे
देश कोलूटा है और ये लूट
का सिलसिला अभी तक 2011 तक
जारी है. इस सिलसिले को अब
रोकनाबहुत
ज्यादा जरूरी हो गया है.
अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब
200 सालो तक राजकरके करीब 1
लाखकरोड़ रुपये लूटा. मगर
आजादी के केवल 64 सालों में
हमारे भ्रस्टाचार ने 280लाख
करोड़ लूटा है. एक तरफ 200 साल
में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ
केवल 64सालों में 280 लाख
करोड़ है. यानि हर साल लगभग
4.37 लाख करोड़, या हर
महीनेकरीब 36 हजार करोड़
भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में
इन भ्रष्ट
लोगों द्वारा जमाकरवाई गई है .
भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन
की कोई दरकार नहीं है .
सोचो कीकितना पैसा हमारे भ्रष्ट
राजनेताओं और उच्च
अधिकारीयों ने ब्लाक करके
रखा हुआहै . हमे भ्रस्ट
राजनेताओं और भ्रष्ट
अधिकारीयों के खिलाफ जाने
का पूर्ण अधिकारहै .हाल ही में
हुवे घोटालों का आप
सभी को पता ही है - CWG घोटाला,
२ जीस्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श
होउसिंग घोटाला ... और ना जाने
कौन कौन से घोटालेअभी उजागर
होने वाले है
एक आन्दोलन बन जाये भ्रष्टाचार
पर एन विट्ठल , किरण बेदी, एपीजे
अब्दुल कलाम की रायएनविट्ठल
( पूर्व केंद्रीय
सतर्कता आयुक्त) : भ्रष्टाचार
समाज में कैंसर कीतरह है और इससे
देश को व्यापक नुकसान हो रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ
आमनागरिकों में रोष भी है।
सभी इसके बारे में चर्चा करते
हैं , लेकिन कोई कुछकरने
की स्थिति में नहीं है।किरण
बेदी (पूर्व आईपीएस अधिकारी):
भारतमें सफेदपोश
अपराधी ही भ्रष्टाचार में लिप्त
हैं। जितना बड़ा अपराध
औरअपराधी होता है उसके बचने
की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होती है।
एपीजेअब्दुल कलाम (पूर्व
राष्ट्रपति): भ्रष्टाचार कैंसर
की तरह देश को निगल रहाहै और अब
इसकी तत्काल कीमोथेरेपी किए
जाने की आवश्यकता है।
भ्रष्टाचारमुक्त भारत बनाना आज
सबसे बड़ी चुनौती है और इसके लिए
युवाओं को आगे आनाहोगा।
Monday, January 3, 2011
Sunday, December 27, 2009
नया सदी हमरा सब कॆ लॆल रहत आऒर अहि सदी मॆ हम दुनिया कॆ नायक बनव!
2009 सॆहॊ बीत गॆल हम सब आब नया दशक मॆ पैर राखि रहल छी! ई दशक कॆहॆन रहत सॆ त आबै वला समय बतायत! 2009 हमरा सब लॆल लगभग नीकॆ रहल! गिरैत बाजार अहि बॆर सम्हरल त लगातार आतंक कॆ मारि स जुझैत हम सब अहि साल आतंकी कॆ कॊनॊ भयानक हातशा नहि दॆखलऊ मुदा ई कहिनाई उचित नहि जॆ हमर सुरक्षा तंत्र मजबुत अछि जकर प्रयास स आतंकवादी कॊनॊ घटना कॆ अंजाम नहि द सकल!
2008 मॆ आर्थिक तंगी स हम सब गुजरि रहल छलऊ मुदा 2009 एक बॆर भॆर स बाजार कॆ लॆल रौनक अनलक! मुदा आम आदमी जॆ 2008 मॆ 15 स 20 रुपयॆ चीनी खाईत छल अहि साल ऒकर दाम 45 स 50 रुपया प्रति किलॊ भ गॆलै! ई रॆट कॊनॊ चीनीयॆ टा कॆ नहि लगभग दैनिक उपयॊग मॆ अबै वला हर सामान कॆ किमत किछु अहिना बढल अछि! मंहगाई स जुझि रहल जनता त्राहि त्राहि क रहल अछि त सरकार चुपचाप मुखदर्शी बनल अछि!
2009 मॆ हम सब दॆश लॆल एकबॆर फॆर सं कांग्रॆश कॆ सत्ता मॆ अनलऊ बहुत आशा आऒर विश्वास कॆ संग! अहि साल आधा दर्जन स बॆसि राज्य मॆ विधानसभा चुनाव भॆल किछु ठम त कांग्रॆश सता मॆ आयल त किछु ठम बहुत नीक प्रदर्शन कएलक! राहुल कॆ फार्मुला स कांग्रॆश कॆ नीक फायदा भॆट रहल छै त ईम्हर वीजॆपी अपन भविष्य कॆ डीबीया ल क ताकि रहल अछि! वीजॆपी कॆ सब लाईट आ बल्ब फ्युज भ रहल छै त आब ऒ डीबीया कॆ खॊजी क अनलक अछि!
साल 2009 भारत कॆ क्रिकॆट कॆ लॆल सॆहॊ बहुत सुंदर रहलैया अहि साल टीम वनडॆ मॆ नहि ब्लकि टॆस्ट क्रिकॆट मॆ सॆहॊ अपन पताका लहरा दॆलकै अछि! आ पहिल वॆर टीम इंडिया टॆस्ट आ वनडॆ रैंकिग मॆ नम्वर 1 पर पहुचलए! त साल 2009 भारत कॆ मनॊरंजन उधॊग कॆ लॆल सॆहॊ बहुत नीक रहलै!
2010 नया सदी हमरा सब कॆ लॆल रहत आऒर अहि सदी मॆ हम दुनिया कॆ नायक बनव!
Thursday, June 11, 2009
" सौभागय मिथिला " नाम स पहिल मैथिली टीवी चैनल
Tuesday, June 2, 2009
मिथिला दर्शन हकासल छी: कन्हिया झा
मिथिला दर्शन के आशल छी!
मदारी छी भिखारी छी मिथिला दर्शन लेल पागल छी!!
देखब पावन सीता केर धामतहन जायब
विद्यापति गामचरण रखबा स पहिनहि हम माथ माटी में साटब
जतय आयल छला शंकर बनय विद्यापति के चाकरकिछु दूर और जायब हमजायब उच्चैठ देवी हम जतय कालीदास के देवी वरदान दय विलीन भेली पूजब हुनकर ओही प्रतिमा के करब सुमिरन ओही महिमा के देखब वाचस्पति नगरी केकरब गुणगान पगरी के जतय के रीति अछि सबदीन "साग खाई बरु जीबन काटब नई झुक देब पगरी केअतिथि देवो भव हम सबदीनजपिते रहब अई कथनी के"हकार कोजगरा के पूरब पान मखान लए क घुरबसामा चकेबा चौठी चंदा ब्रत करब हम छैठ केसप्ता बिप्ताक कथा सुनि क ध्यान करब गुरुदेब के जायब राघोपुर एक बेर हम करब दर्शन ओहि धरती केजतय विद्याधर जनम लेलाजिनक कामेश्वर सिंह छला चेला देखब मिथिला केर पेंटिंग जकर गुणगान चाहू दिशजखन घुरी आबय लगाब हम एक टुक माटिक लायब संगनित उठी माथ स साटबकरब सुमिरण ओहि मिथिला के विसरब ने मिथिला दर्शन के
